Anmol Sinha

कोई गुनाह मेरे सर कर दे

कोई गुनाह अब मेरे सर कर दे

फिर ये किस्सा मुख्तसर कर दे

 

खोने दे ये होश अब हमको

बाद में मुझको दरबदर कर दे

 

यहां अब मैं भी अकेला हूं

कोई उनको ये ख़बर कर दे

 

बैठें अब हैं उसकी हसरत में

वो भी नज़रें कब इधर कर दे

 

कबसे कदमों पर पड़े हैं तेरे

तेरी मर्ज़ी तू जिधर कर दे

 

नाम अब \'अनमोल\' ले उसका

ज़िंदगी को अब गुज़र कर दे l

 

अनमोल