Waiting for Silence

तेरा सजनी नही दोष कोई  

जाने मैं कहाँ चला आया

जाने मंज़िल क्या मेरी है

जीवन को हर पल ढूँढ रहा

जाने कहाँ मेरी रोशनी है

 

अपने तो हैं पर अपना नही

मंज़िल तो है पर राह नही

दर्द बहुत है आह नही

जीता तो हूँ पर चाह नही

 

तुम क्यूँ मेरा विश्वास करो

तुम क्यूँ मुझको यूँ प्यार करो

पत्थर बस ठोकर खाता है

तेरा सजनी नही दोष कोई

-विमल