खामोशी से बहरा कर दूंगा
आंखों से समंदर भर दूंगा
तू मेरी परीक्षा अब न ले
ये जीवन वापस कर दूंगा
तू थक जायेगा दुख देके
मैं हंसके सब सह जाऊंगा
कितना तोड़ेगा तू मुझको?
मैं खुदको मिटाकर चलदूंगा
तू सब कुछ है ये तेरा घमंड
मैं कुछ भी नहीं ये मेरी ज़िद
तू जीत का जश्न मना अपनी
मैं गीत हार का गा लूंगा
जो तेरा है वो ले ले तू
मैंने सब मिटटी जाना है
खाली हाथ ही आया था
खाली ही चला जाऊंगा
-विमल