जब तक जीवन है, बोलूँगामेरी हो जाओ, कह दूँगामेरी बातें जो चूक जाएँ,तुम कह देना
तेरा रस्ता मैं देख रहा,साँझ भी अब हो आई हैजब मेरी संध्या ढल जाए,तुम आ जाना
जब तक बाती है, जलता हूँ,जो तेल ख़त्म, खो जाऊँगाजब मेरा दीपक बुझ जाए,तुम रो लेना
— विमल