सूरज सा भैया है चंदा सी बहना है, अम्बर से पप्पा है धरती सी मैया है
प्यारी सी मम्मा खाना बनाती है, मीठी सी लोरी गाकर सुलाती है
अच्छे से पप्पा दफ़्तर से आते हैं, जल्दी से मेरा होमवर्क कराते हैं
प्यारी सी दादी कहानी सुनाती है, मीठी सी बातों में खाना खिलाती है
अच्छे से दादा घोड़ा बन जाते हैं, ठुम्मक ठुम्मक घर की सैर कराते हैं
चाचा और चाची भी जब खुश हो जाते हैं, गुल्लक जो बाक़ी है पूरी कराते हैं
छोटा सा भैया रोती हूँ आता है, मीठी सी मुझको पप्पी दे जाता है
-विमल