Waiting for Silence

तोहफ़ा

तोहफ़ा

आप मिले, ग़र नहीं तो क्या हो गया

जीने का अब सहारा तो मिल ही गया

कोई रिश्ता नहीं जुड़ सका, क्या हुआ

रिश्ता अपने ही आप एक बन तो गया

 

आपकी आँखों का पानी सूखा तो क्या

उम्र भर आँसुओं का तोहफ़ा मिला

आप चाहे हँसी कर रही हो मगर

अब हमारा जिगर तो दरक ही गया

 

 

खेल आपने खेला नहीं, क्या हुआ

दाँव पर कोई जीवन तो लग ही गया

दिल टूटा किसी का तो क्या हो गया

आपका वक़्त थोड़ा गुज़र ही गया

 

— विमल