Anmol Sinha

हम जबसे दोस्त तेरे सहारे नहीं रहे

हम जबसे दोस्त तेरे सहारे नहीं रहे

तब से नसीब के भी यूं मारे नहीं रहे

 

इन आंखों ने भर दिये उल्फत के कर्ज़ सब

अब ख़्वाब इनमें कोई तुम्हारे नहीं रहे

 

अब क्या तलाश कर रहा है दिल नहीं पता

अब इस दयार में वो नज़ारे नहीं रहे

 

आंखें ये देखकर तुझे पहले चमकती थीं

अब इनमें पहले से वो सितारे नहीं रहे

 

क्या अब तुम्हारी आंख का जादू उतर गया

अब इनमें पहले से वो इशारे नहीं रहे।

 

अनमोल