Anmol Sinha

सर पर हमारे छत हो

सर पर हमारे छत हो ये किस्मत नहीं रही

ख़ैर ऐसी कोई अब मेरी हसरत नहीं रही

 

मिल जाये तेरा प्यार ये ख्वाहिश कभी जो थी

अब दिल में ऐसी कोई भी चाहत नहीं रही

 

पहले था मय का, जाम का हमको भी शौक पर

अब ऐसी अपनी भी तो वो तबियत नहीं रही

 

दिल मेरा प्यार में तो ये टूटा है इस कदर

अब फिर इसे लगाने की ताक़त नहीं रही

 

ऐ दोस्त हम कभी थे हाँ पागल तेरे लिए

पर अब तेरी वो पहली सी सूरत नहीं रही।

 

अनमोल