Sree

ADHOORA- INCOMPLETE

अधूरा

अधूरा है मेरा इश्क़,
अधूरा है ख़याल,
अधूरा सा है ये पूरा जहाँ।

अधूरी कहानी जो लिखती रहती हूँ मैं,
अधूरे सपने भी दस्तक देते हैं बार-बार।
अधूरी सी ये बातें,
जो कभी न हुईं ख़त्म,
अधूरापन ही बस रहता है क़ायम।

अधूरा सा साथ,
जो चुभता है मन में,
अधूरी सी रात,
जो नहीं मिटती तन में।

अधूरी ये दुनिया,
लगती है बड़ा श्राप,
अधूरा ये ख़्वाब,
बस छोड़ जाता है मन में एक दाग़।

अधूरी, अधूरी सी मैं,
ख़यालों में भटकती हूँ,
अधूरी ये ज़िंदगी,
अधूरा ही मुझे छोड़ जाती है।