Dog days

Just putting it here as a collection

अजनबी-ए-ग़म!

तू क्यों आया है मेरे पास?

क्या तेरा कोई

और ठिकाना नहीं?

जो तू रहने लगा है

यूँ आकर,

एक बिन बुलाए मेहमान

के समान,

मेरे दिल के इस

चार-दीवारी मकान में।