मैं सीने से लगाना चाहता हूं

Anmol Sinha

मैं सीने से लगाना चाहता हूं

तुझे अपना बनाना चाहता हूं

 

छुपा कर रखी थी जो बात दिल में

तुझे मैं वो बताना चाहता हूं

 

बहुत उकता चुका हूं खुद से मैं भी

नए सपने सजाना चाहता हूं

 

ज़माने से ख़ुदा दिल उठ गया है

मैं तुझसे दिल लगाना चाहता हूं

 

मैं जिसके वास्ते फिर जीना चाहूं

कोई ऐसा बहाना चाहता हूं

 

अभी सोए हैं जो अरमान मेरे

मैं उनको फिर जगाना चाहता हूं।

-अनमोल

  • Author: Anmol (Pseudonym) (Offline Offline)
  • Published: January 17th, 2026 07:03
  • Category: Unclassified
  • Views: 5


To be able to comment and rate this poem, you must be registered. Register here or if you are already registered, login here.