कोई भी चेहरा जो तुझसा कहीं मिल जाता है

Anmol Sinha

कोई भी चेहरा जो तुझसा कहीं मिल जाता है

दिल में यादों का कोई फूल सा खिल जाता है

 

तुझसे मिलकर मेरा दिल मेरा कहां रहता है

तु जहां जाता है मेरा वहीं दिल जाता है

 

तुम ज़माने के लिए मांगते हक़ हो फिर अब

वास्ते मेरे तेरा मुंह क्यों सिल जाता है

 

घर चलाने की यहां ऐसी है जद्दोजहद कुछ

पांव जलते हैं कभी जिस्म ये छिल जाता है

 

प्यार की मेरी ये बर्बाद कहानी सुनकर

अच्छे अच्छों का कलेजा यहां हिल जाता है।

 

अनमोल

  • Author: Anmol (Pseudonym) (Offline Offline)
  • Published: February 23rd, 2026 06:42
  • Category: Love
  • Views: 5


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