कोई भी चेहरा जो तुझसा कहीं मिल जाता है
दिल में यादों का कोई फूल सा खिल जाता है
तुझसे मिलकर मेरा दिल मेरा कहां रहता है
तु जहां जाता है मेरा वहीं दिल जाता है
तुम ज़माने के लिए मांगते हक़ हो फिर अब
वास्ते मेरे तेरा मुंह क्यों सिल जाता है
घर चलाने की यहां ऐसी है जद्दोजहद कुछ
पांव जलते हैं कभी जिस्म ये छिल जाता है
प्यार की मेरी ये बर्बाद कहानी सुनकर
अच्छे अच्छों का कलेजा यहां हिल जाता है।
अनमोल
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Author:
Anmol (Pseudonym) (
Offline) - Published: February 23rd, 2026 06:42
- Category: Love
- Views: 0

Offline)
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