ये कैसी बात थी जिसने ये दिल तोड़ दिया
तुम्ही ने हाथ बढ़ाया, तुम्ही ने छोड़ दिया
हमारे प्यार की सिमतें कुछ और होती मगर
कहां ये लाके इसे फिर से तुमने मोड़ दिया
सिखा दिया है यहां हादसों ने कुछ हमको
अगर नहीं तो तजुर्बा नया ही जोड़ दिया
ये तय किया था जो दोनों ने होने का है जुदा
क्यों तूने सर पे ये इल्ज़ाम मेरे फोड दिया
लगा था दिल को ये 'अनमोल' तू न तोड़ेगा
क्यों फिर यहां पे मेरे दिल को तूने तोड़ दिया।
अनमोल
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Author:
Anmol (Pseudonym) (
Offline) - Published: March 17th, 2026 03:28
- Category: Unclassified
- Views: 1

Offline)
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