वो कौन थे फाँसी चढ़े, सबकुछ लुटा दिए
वो कौन थे जो हँसके मौत गले लगा लिए
वो कौन थे जो रक्त की हर बूँद बहा दिए
वो कौन थे जो देश को आज़ाद करा दिए
उनको बताओ देश को कैसे बचाएँगे
अब चोर‑लुटेरे नया भारत बनाएँगे
ये कौन हैं जिनको न दया और न धरम है
ये कौन हैं जिनको न कोई हया‑शरम है
ये कौन हैं जो राम को बदनाम किए हैं
ये कौन हैं जो मानवता कुर्बान किए हैं
हिंदुत्व क्या है आज हमें ये बताएँगे?
पाखंडी भगवान का मंदिर बनाएँगे
हम कौन जो इतने गिरे और गिरते ही रहे
हम कैसे यूँ अन्याय को सहते चले गए
हम कितने कायर हैं कि सिर झुका के जी लिए
हम क्यों नहीं सिर्फ एक बार आवाज़ उठा दिए
कल‑भविष्य को कौन सा चेहरा दिखाएँगे
एक बार सोचो देश‑ऋण कैसे चुकाएँगे
— विमल

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