प्रयाण गीत

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प्रयाण गीत

हे वीर जवानों बढ़े चलो
ये राष्ट्र तुम्हारा अपना है।
मातृभूमि की रक्षा का
बस एक तुम्हारा सपना है॥

 

रोशन बुझते दीपक को
करने के लिए प्रयाण करो।
माता का कर्ज़ चुका कर के
जीवन को अपने सफल करो॥

 

स्वर्ग गर्व से देख रहा
वीरोचित तुम संस्कार करो।
हे शूर वीर, हे महावीर,
हँसकर मृत्यु का वरण करो॥

 

लिए खुशी के अश्रु नयन में
श्रद्धा से नमन करता है।
वीर‑राग का गीत तुम्हें
कवि ये अर्पित करता है॥

— विमल

 

  • Author: विमल (Pseudonym) (Offline Offline)
  • Published: April 24th, 2026 00:58
  • Category: Unclassified
  • Views: 1
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