ये सपने बहुत अधूरे हैं
सारे आँसू तो रो डाले
सब कुछ अपना तो दे डाला
सारी बातें भी कह डालीं
अब तो कह दो, तुम मेरी हो
मैं कब कहता हूँ मिल जाओ
मैं कब कहता हूँ आ जाओ
बस इतनी मेरी बात रखो
मेरा अगला जनमसजा देना
अश्रुओं को अर्पण कर दूँगा
टीका मैं रक्त से कर दूँगा
तू देवी बन मेरे मंदिर की
पूजा मैं तेरी कर दूँगा
तुम न कहना तुम मेरी हो
तुम न आना मेरे जीवन में
इतना न कहना मुझको तुम
ये सपने बहुत अधूरे हैं
— विमल
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Author:
विमल (Pseudonym) (
Offline) - Published: May 17th, 2026 20:29
- Category: Unclassified
- Views: 2
- In collections: StillLovingYou.

Offline)
Comments1
Nice .
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