कल फिर सवेरा होगा ॥

Divya Dansena

झेल रहा हूँ, तो दिख रहा
हर जगह काम है,
जीवन विश्राम नहीं
महासंग्राम है।

अभी कोई न कोई
जीवन के मज़े ले रहा होगा,
पर सबका समय आता है
कल फिर सवेरा होगा।

ज़रूरी नहीं कि आज का समय मेरा है
तो हमेशा मेरा होगा,
सबका समय आता है
कल फिर सवेरा होगा।

नए दानवीर आ गए
कोई किसी को कुछ दे रहा होगा,
पर सबका समय आता है
कल फिर सवेरा होगा।

ज़रूरी नहीं कि आज उसका समय है
तो फिर कल तेरा होगा,
उसके बाद भी सूर्य उगेगा
फिर एक सवेरा होगा।

निरंतर मेहनत कर , तेरा सूरज ढलेगा नहीं
इन छोटी झंझवातों से , तू मरेगा नहीं,
नीचे गिरने का भय न कर
तूने मेहनत किया है, तू सहेगा नहीं।

एक दिन ऐसा आएगा
जब दुनिया पर जमाया तूने डेरा होगा,
सबका समय आता है
फिर एक सवेरा होगा।

— दिव्य डनसेना


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