कोई गुनाह अब मेरे सर कर दे
फिर ये किस्सा मुख्तसर कर दे
खोने दे ये होश अब हमको
बाद में मुझको दरबदर कर दे
यहां अब मैं भी अकेला हूं
कोई उनको ये ख़बर कर दे
बैठें अब हैं उसकी हसरत में
वो भी नज़रें कब इधर कर दे
कबसे कदमों पर पड़े हैं तेरे
तेरी मर्ज़ी तू जिधर कर दे
नाम अब 'अनमोल' ले उसका
ज़िंदगी को अब गुज़र कर दे l
अनमोल
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Author:
Anmol (Pseudonym) (
Offline) - Published: January 4th, 2026 01:12
- Category: Unclassified
- Views: 0

Offline)
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