अकेला मगर मैं बहुत खुश हूँ  

Waiting for Silence

अकेला मगर मैं बहुत खुश हूँ

 

साथ नहीं है कोई आज तो क्या हुआ
मेरा साया दिखता है हरदम मुझे

 

बात हमसे नहीं कोई करता तो क्या
ये धड़कन तो मुझसे बहुत कुछ कहे

 

अपनी किस्मत नहीं साथ देती तो क्या
बदक़िस्मत तो वादा निभा जाती है

 

गर किसी से नहीं जीत पाते हैं हम
हारने में मज़ा हमको आता है अब

 

ज़िंदगी तुम नहीं साथ दे पा रहे
मौत ने तो किया एक वादा मुझे

 

कौन हो तुम, कहाँ हो, चले आओ अब
तुम मेरी परीक्षा न ले पाओगे

 

तुम क्या सोचते हो कि नादान हैं
अश्क़ नहीं हैं तो रक्त ही बहा लेते हैं

 

सोचता हूँ कि कुछ देर रुक लूँ अभी
इक बार तो वफ़ा किस्मत हमसे करे

 

मैं इतना लुटा क्या फ़लक से डरूँ
हूँ अकेला मगर मैं बहुत खुश हूँ

 

— विमल

  • Author: विमल (Pseudonym) (Offline Offline)
  • Published: May 9th, 2026 00:28
  • Category: Unclassified
  • Views: 1
  • In collections: StillLovingYou.
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